एक ऐसा छेद जिससे प्रभु को देखना सुख और समृद्धि लाता है || उडुपी श्री कृष्ण मठ कर्नाटक

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saaransh123
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एक ऐसा छेद जिससे प्रभु को देखना सुख और समृद्धि लाता है, 
उडुपी श्री कृष्ण मठ कर्नाटक राज्य के उडुपी शहर में स्थित भगवान श्री कृष्ण को समर्पित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। वैसे तो भगवन श्री कृष्ण विश्व भर में प्रसिद्ध हैं पर यह मंदिर दक्षिण भारत में प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। हजारों श्रद्धालु भक्त भगवान कृष्ण की एक झलक पाने के लिए दूर दूर से इस मंदिर में आते हैं।
इस मठ का क्षेत्र एक आश्रम के जैसा हैए जहाँ रहने और भक्ति के लिए एक पवित्र स्थान माना जाता है। सच मानो यहाँ प्रत्येक को एक बार जरुर जाना चाहिए। श्री कृष्ण मठ के आसपास और भी बहुत सारे मंदिर है और सबसे अधिक प्राचीन मंदिर 1500 वर्षों के मूल की बुनियादी लकड़ी और पत्थर से बना है।
13वीं सदी में वैष्णव संत श्री माधवाचार्य द्वारा कृष्ण मठ को स्थापित किया गया था। वे द्वैतवेदांत सम्प्रदाय के संस्थापक थे।
एक किंवदंती है कि एक बार अत्यंत धर्मनिष्ठ एवं भगवान श्री कृष्ण के प्रति समर्पित भक्त कनकदास को किसी कारणवश मंदिर में प्रवेश की अनुमति नही दी गई थी। भगवन श्री कृष्ण के दर्शन को ललायित कनकदास को इस बात ने बिलकुल परेशान नहीं कियाए बल्कि उन्होंने और अधिक तन्मयता के साथ प्रार्थना की। भगवान कृष्ण उनकी भक्ति और प्राथर्ना से इतने प्रसन्न हुए कि अपने भक्त को अपना रूप दिखाने के लिए मंदिर के पीछे एक छोटी सी खिड़की बना दी। आज तकए भक्त उसी खिड़की के माध्यम से भगवान कृष्ण की पूजा अर्चना करते हैं, जिसके द्वारा कनकदास को एक छवि देखने का वरदान मिला था। भक्तो ऐसा माना जाता है कि इस छेद से प्रभु को देखना सुख और समृद्धि लाता है।
यहाँ पर हर दो साल में आयोजित होने वाले पर्याया त्योहार के दौरान, मंदिर का प्रबंधन अगले मठ को सौंप दिया जाता है। प्रत्येक मठ की अध्यक्षता एक स्वामी द्वारा की जाती हैए जो अपने पर्याय के दौरान मंदिर का प्रभारी होता है। पर्याय 2008, 2010, 2012 जैसे सम सालों में आयोजित किया जाता है। मकर संक्रांतिए रथ सप्तमीए माधव नवमीए हनुमान जयंतीए श्री कृष्ण जन्माष्टमीए नवराथी महोत्सवए माधव जयंती ;विजया दशमीद्धए नरक चतुर्दर्शीए दीपावलीए गीता जयंती इत्यादि जैसे त्यौहार हर साल पर्याय मठ के द्वारा बहुत धूम धाम से मनाये जाते हैं।

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raman2109
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